Calcutta HC on Compassionate Appointment: 4-Year Delay Case & 2026 Rules Update
Calcutta HC ne compassionate appointment mein ho rahi deri par sakht rukh apnaya hai. Jaaniye kya hain aapke adhikar aur 2026 ke niyam.

Calcutta HC ka Sakht Rukh: Compassionate Appointment mein 4 Saal ki Deri par Apathy
हाल ही में Calcutta High Court ने एक महत्वपूर्ण फैसले में 'Compassionate Appointment' (Anukampa Niyukti) के मामलों में हो रही अत्यधिक देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकारी विभागों द्वारा 'Apathy' (उदासीनता) दिखाना, विशेषकर जब परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य (breadwinner) गुजर चुका हो, पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
यह मामला एक ऐसे उम्मीदवार से जुड़ा है जिसे अपने भाई की मृत्यु के बाद 4 साल तक नियुक्ति के लिए इंतजार करना पड़ा। कोर्ट ने इसे 'Humanitarian Ground' पर आधारित योजना का अपमान बताया है।
Key Details: Compassionate Appointment Guidelines 2026
| Feature | Details |
|---|---|
| Governing Body | DOPT (Department of Personnel & Training) |
| Primary Objective | Financial support to the family of the deceased |
| Key Legal Stance | Appointment is not a vested right but a welfare measure |
| Current Status | 2026 Judicial Precedent (Calcutta HC) |
| Official Portal | persmin.gov.in |
In-Depth Breakdown: Rules & Rights in 2026
1. Eligibility Criteria (पात्रता)
Compassionate appointment के लिए आवेदन करते समय इन नियमों का ध्यान रखें:
- Dependent Family Member: केवल मृतक सरकारी कर्मचारी के आश्रित (पत्नी/पति, पुत्र, अविवाहित पुत्री) ही आवेदन कर सकते हैं।
- Financial Distress: परिवार की आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाता है। यदि परिवार के पास आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है, तो प्राथमिकता दी जाती है।
- Time Limit: अधिकांश विभागों में मृत्यु के 1 से 3 साल के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होता है। देरी होने पर 'Condonation of Delay' के लिए विशेष कारण देना पड़ता है।
2. Selection Process (चयन प्रक्रिया)
- Application: मृतक के परिवार को संबंधित विभाग में निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा करना होता है।
- Verification: विभाग द्वारा परिवार की आर्थिक स्थिति और अन्य आश्रितों की जांच की जाती है।
- Screening Committee: एक स्क्रीनिंग कमेटी आवेदनों की समीक्षा करती है और योग्यता के आधार पर सिफारिश करती है।
- Approval: सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) द्वारा अंतिम मंजूरी दी जाती है।
3. Calcutta HC का 2026 का रुख (Legal Insight)
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि:
- No Endless Waiting: विभाग किसी भी आवेदन को वर्षों तक पेंडिंग नहीं रख सकते।
- Reasoned Order: यदि आवेदन खारिज किया जाता है, तो विभाग को लिखित में ठोस कारण देना होगा।
- Prompt Action: यदि विभाग देरी करता है, तो पीड़ित पक्ष Writ Petition (Article 226) के माध्यम से कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।
FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1: क्या Compassionate Appointment के लिए कोई फिक्स्ड टाइमलाइन है? Ans: DOPT के दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रक्रिया को यथासंभव शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। हालांकि, कोई कठोर 'Deadline' नहीं है, लेकिन 6 महीने से अधिक की देरी को कोर्ट अक्सर 'Apathy' मानती है।
Q2: अगर विभाग आवेदन पर कोई जवाब नहीं दे रहा है, तो क्या करें? Ans: सबसे पहले RTI (Right to Information) के तहत आवेदन की स्थिति (Status) मांगें। यदि फिर भी जवाब न मिले, तो संबंधित विभाग के 'Grievance Cell' में शिकायत दर्ज करें।
Q3: क्या भाई की मृत्यु पर नौकरी मिल सकती है? Ans: यह विभाग के नियमों पर निर्भर करता है। सामान्यतः, केवल 'Dependent' (आश्रित) को ही प्राथमिकता मिलती है। यदि भाई आश्रित था, तो वह पात्र हो सकता है, लेकिन यह केस-टू-केस आधार पर निर्भर करता है।
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